अंग्रेजी पर बनाइए कमांड
Get command over English
वैश्वीकरण के साथ ही एक से अधिक भाषाओं पर कमांड समय की जरूरत बन गई। ऎसे में खास तवज्जो अंग्रेजी को मिली। विदेशी भाष्ाा होने की वजह से कई बार हम लोग खुद को इसमें कमजोर महसूस करते हैं लेकिन सच्चाई यह है कि यदि थोड़ा सा भी नियमित अभ्यास किया जाए तो हम अंग्रेजी भाषा पर आसानी से अपनी पकड़ बना सकते हैं।
नहीं कोई हीनता
अंग्रेजी पर कमांड के लिए सबसे पहले मन से यह हीन भावना निकाल दीजिए कि अंग्रेजी न आने की वजह से आप अधूरे या पिछड़े हैं। यह एक विदेशी भाष्ाा है, और उपयुक्त माहौल न मिलने पर यदि इसपर हमारी कमांड नहीं है तो कोई अपराध नहीं है। हीन भावना हटाने के बाद ही आप अपनी क्षमताओं को एकत्र करके दिशा दे पाएंगे।
अंग्रेजी पर कमांड के लिए सबसे पहले मन से यह हीन भावना निकाल दीजिए कि अंग्रेजी न आने की वजह से आप अधूरे या पिछड़े हैं। यह एक विदेशी भाष्ाा है, और उपयुक्त माहौल न मिलने पर यदि इसपर हमारी कमांड नहीं है तो कोई अपराध नहीं है। हीन भावना हटाने के बाद ही आप अपनी क्षमताओं को एकत्र करके दिशा दे पाएंगे।
बेसिक से करें शुरू
हम लोगों में से बहुत से लोगों ने पढ़ाई हिंदी माध्यम से की है। इसके चलते भी अंग्रेजी का अभ्यास नहीं हो पाता। इस स्थिति में बेसिक से शुरूआत करनी चाहिए। कक्षा पहली, दूसरी की अंग्रेजी की किताबों से पढ़ना शुरू करेंगे तो आसानी से गति पकड़ पाएंगे।
हम लोगों में से बहुत से लोगों ने पढ़ाई हिंदी माध्यम से की है। इसके चलते भी अंग्रेजी का अभ्यास नहीं हो पाता। इस स्थिति में बेसिक से शुरूआत करनी चाहिए। कक्षा पहली, दूसरी की अंग्रेजी की किताबों से पढ़ना शुरू करेंगे तो आसानी से गति पकड़ पाएंगे।
खुलेंगे दायरे
अंग्रेजी जानने से जॉब हासिल करने में तो मदद मिलती ही है, साथ ही आपके लिए एक नई संस्कृति के दरवाजे भी खुल जाते हैं। हर नई भाष्ाा के साथ उसकी संस्कृति, कला और लोगों को जानने के अवसर जुड़े रहते हैं। इस तरह एक नई भाष्ाा सीखकर आप खुद को इस रूप में भी समृद्ध बना सक ते हैं।
अंग्रेजी जानने से जॉब हासिल करने में तो मदद मिलती ही है, साथ ही आपके लिए एक नई संस्कृति के दरवाजे भी खुल जाते हैं। हर नई भाष्ाा के साथ उसकी संस्कृति, कला और लोगों को जानने के अवसर जुड़े रहते हैं। इस तरह एक नई भाष्ाा सीखकर आप खुद को इस रूप में भी समृद्ध बना सक ते हैं।
बोलना भी जरूरी
अक्सर ऎसा होता है कि हम अंग्रेजी लिख और पढ़ तो लेते हैं लेकिन बोलने मे झिझक महसूस करने लगते हैं। इस झिझक को दूर करने का तरीका है कि ऎसे दोस्त या शिक्षक के साथ अंग्रेजी में बात शुरू कीजिए, जो अंग्रेजी जानता है और आपकी गलतियां भी आराम से बताता है। बोलने के अभ्यास से आपकी झिझक दूर हो जाएगी।
अक्सर ऎसा होता है कि हम अंग्रेजी लिख और पढ़ तो लेते हैं लेकिन बोलने मे झिझक महसूस करने लगते हैं। इस झिझक को दूर करने का तरीका है कि ऎसे दोस्त या शिक्षक के साथ अंग्रेजी में बात शुरू कीजिए, जो अंग्रेजी जानता है और आपकी गलतियां भी आराम से बताता है। बोलने के अभ्यास से आपकी झिझक दूर हो जाएगी।