How to Promote Business with Media - in Hindi
मीडिया में नजर आए बिजनेस
बिजनेस के प्रचार-प्रसार में उसे मिलने वाले मीडिया एक्सपोजर की एक अहम भूमिका है। इससे बिजनेस का प्रचार तो होता ही है साथ ही मीडिया में नजर आने से उसकी एक विश्वसनीयता भी लोगों के बीच बनती है। छोटे बिजनेसेज के लिए एडवर्टाइजमेंट का बजट बहुत ज्यादा नहीं होता। इसलिए एड के माध्यम से मीडिया में छाने का सपना उनके लिए थोड़ा मुश्किल हो जाता है। हालांकि मीडिया में प्रमुखता से छपने और दिखने के और भी तरीके हैं। इन तरीकों में आपको ज्यादा पैसा नहीं खर्च करना पड़ता।
थोड़ी सी स्मार्ट रणनीति और मेहनत के दम पर आप मीडिया में अपने लिए स्थान बना सकते हैं। मीडिया से बिजनेस क ो मिल सकने वाले फायदों को देखते हुए बहुत से छोटे-बड़े बिजनेस इसे महत्व देने लगे हैं। बहुत से लोग तो मीडिया मैनेजमेंट के लिए अलग टीम भी नियुक्त करने लगे हैं। आइए जानें इस सोशल स्पेस में आने के कुछ तरीके-
थोड़ी सी स्मार्ट रणनीति और मेहनत के दम पर आप मीडिया में अपने लिए स्थान बना सकते हैं। मीडिया से बिजनेस क ो मिल सकने वाले फायदों को देखते हुए बहुत से छोटे-बड़े बिजनेस इसे महत्व देने लगे हैं। बहुत से लोग तो मीडिया मैनेजमेंट के लिए अलग टीम भी नियुक्त करने लगे हैं। आइए जानें इस सोशल स्पेस में आने के कुछ तरीके-
ढूंढें अपने प्रचारक
मीडिया में प्रमुखता से आने के लिए सही रणनीति तो आप तब बना पाएंगे, जब आपको पता होगा, कि आप किन-किन माध्यमों से मीडिया में आ सक ते हैं। अपने बिजनेस के मुख्य क्षेत्र में आने वाले अखबारों, मैगजीनों, लोकल न्यूज चैनलों आदि की जानकारी जुटाएं। इसके बाद इनके रिपोर्टरों से संपर्क स्थापित करें। इनसे मिलकर जानें कि ये बिजनेसेज से जुड़ी किस किस्म की स्टोरीज को प्रमुखता देते हैं। नियमित संपर्क होने पर कंपनी के समारोहों की जानकारी इन्हें दें।
मीडिया में प्रमुखता से आने के लिए सही रणनीति तो आप तब बना पाएंगे, जब आपको पता होगा, कि आप किन-किन माध्यमों से मीडिया में आ सक ते हैं। अपने बिजनेस के मुख्य क्षेत्र में आने वाले अखबारों, मैगजीनों, लोकल न्यूज चैनलों आदि की जानकारी जुटाएं। इसके बाद इनके रिपोर्टरों से संपर्क स्थापित करें। इनसे मिलकर जानें कि ये बिजनेसेज से जुड़ी किस किस्म की स्टोरीज को प्रमुखता देते हैं। नियमित संपर्क होने पर कंपनी के समारोहों की जानकारी इन्हें दें।
लोकल करेगा असर
बहुत से लोकल टीवी चैनल या रेडियो चैनल अपने संचार माध्यम को लोकल टच देने के लिए शहर की प्रमुख हस्तियों के साथ इंटरव्यू करते रहते हैं। राष्ट्रीय चैनलों पर आने के ख्वाब देखकर इन चैनल्स को "लोकल" मानकर खारिज करने की भूल न करें क्योंकि ये आपके असल ऑडियन्स तक सीधी पहुंच रखते हैं। इन चैनल्स को इंटरव्यू देकर आप अपने बिजनेस का प्रचार कर सकते हैं।
बहुत से लोकल टीवी चैनल या रेडियो चैनल अपने संचार माध्यम को लोकल टच देने के लिए शहर की प्रमुख हस्तियों के साथ इंटरव्यू करते रहते हैं। राष्ट्रीय चैनलों पर आने के ख्वाब देखकर इन चैनल्स को "लोकल" मानकर खारिज करने की भूल न करें क्योंकि ये आपके असल ऑडियन्स तक सीधी पहुंच रखते हैं। इन चैनल्स को इंटरव्यू देकर आप अपने बिजनेस का प्रचार कर सकते हैं।
जब भेजें प्रेस रिलीज
मीडिया में आने के माध्यमों यानी रिपोर्टर्स आदि की पहचान के बाद काम आता है उन्हें अपने इवेंट के बारे में सूचना देने का। पहले तो उन्हें औपचारिक निमंत्रण भिजवाएं। वे आ पाएं तो बहुत अच्छा लेकिन यदि न आ पाएं तो इवेंट वाले दिन ही समय रहते एक प्रेस रिलीज उनके ऑफिस में भिजवा दें। इसकी जानकारी उन्हें जरूर दें ताकि यह कागज के दूसरे टुकड़ों में खो न जाए। प्रेस रिलीज में सबसे नई बात सबसे ऊपर लिखें। इसे ऎसे लिखें जिसका सीधा संबंध पाठकों और दर्शकों के हितों से हो।
मीडिया में आने के माध्यमों यानी रिपोर्टर्स आदि की पहचान के बाद काम आता है उन्हें अपने इवेंट के बारे में सूचना देने का। पहले तो उन्हें औपचारिक निमंत्रण भिजवाएं। वे आ पाएं तो बहुत अच्छा लेकिन यदि न आ पाएं तो इवेंट वाले दिन ही समय रहते एक प्रेस रिलीज उनके ऑफिस में भिजवा दें। इसकी जानकारी उन्हें जरूर दें ताकि यह कागज के दूसरे टुकड़ों में खो न जाए। प्रेस रिलीज में सबसे नई बात सबसे ऊपर लिखें। इसे ऎसे लिखें जिसका सीधा संबंध पाठकों और दर्शकों के हितों से हो।
जुड़ें सोशल कॉÊा से
समाज के लिए कुछ अच्छा करने वाले बिजनेस हाउसेज को मीडिया अच्छी कवरेज देता है। इसलिए किसी सोशल कॉज को जरूर अपनाइए। अच्छा तो यह होगा कि आप ऎसा सोशल कॉज चुनें, जो किसी न किसी तरह आपके ही बिजनेस से जुड़ा हो। इसे इस तरह समझें कि आपका अपना कॉलेज है और आप 12वीं पास करने वाले बच्चों के लिए फ्री में एक्सपट्र्स से काउंसलिंग आयोजित करवा रहे हैं। अपने सोशल कॉÊा की जानकारी मीडिया को दें। इस जानकारी में इस कॉÊा के फायदे जरूर बताएं।
समाज के लिए कुछ अच्छा करने वाले बिजनेस हाउसेज को मीडिया अच्छी कवरेज देता है। इसलिए किसी सोशल कॉज को जरूर अपनाइए। अच्छा तो यह होगा कि आप ऎसा सोशल कॉज चुनें, जो किसी न किसी तरह आपके ही बिजनेस से जुड़ा हो। इसे इस तरह समझें कि आपका अपना कॉलेज है और आप 12वीं पास करने वाले बच्चों के लिए फ्री में एक्सपट्र्स से काउंसलिंग आयोजित करवा रहे हैं। अपने सोशल कॉÊा की जानकारी मीडिया को दें। इस जानकारी में इस कॉÊा के फायदे जरूर बताएं।
अपनाएं सोशल मीडिया
मीडिया में आने का अर्थ सिर्फ पारंपरिक मीडिया पर आना नहीं है। आजकल इसमें सोशल मीडिया को भी प्रमुखता से लिया जाने लगा है। तभी तो हर प्रमुख बिजनेस अपने फेसबुक पेज और टि्वटर अकाउंट बनाने पर जोर देने लगे हैं। आप भी अपने ये अकाउंट और पेज बनाएं और नियमित रूप से अपने यूजर्स के लिए महत्वपूर्ण जानकारी अपडेट करें। आप अपना ब्लॉग भी शुरू करके उस पर टारगेट ऑडियंस के लिए महत्वपूर्ण जानकारी दे सकते हंै।
मीडिया में आने का अर्थ सिर्फ पारंपरिक मीडिया पर आना नहीं है। आजकल इसमें सोशल मीडिया को भी प्रमुखता से लिया जाने लगा है। तभी तो हर प्रमुख बिजनेस अपने फेसबुक पेज और टि्वटर अकाउंट बनाने पर जोर देने लगे हैं। आप भी अपने ये अकाउंट और पेज बनाएं और नियमित रूप से अपने यूजर्स के लिए महत्वपूर्ण जानकारी अपडेट करें। आप अपना ब्लॉग भी शुरू करके उस पर टारगेट ऑडियंस के लिए महत्वपूर्ण जानकारी दे सकते हंै।
दिखाएं विशेषज्ञता
आप जिस चीज का बिजनेस कर रहे हैं, उसमें आप अच्छा ज्ञान रखते होंगे। अपनी इस जानकारी को कुछ इस रूप में लिखना शुरू करें, कि वह पढ़ने वाले के लिए फायदेमंद हो। ये लेख आप अपने फील्ड से जुड़ी मैगजीन और अखबारों में लिख सकते हैं। इसके अलावा आप विभिन्न सेमिनार्स में एक वक्ता के रूप में बोलने के लिए जा सकते हैं। इसके लिए थोड़ा सोशल बनें। जब आप बिजनेस से जुड़ी अपनी विशेषज्ञता का सही जगह पर प्रदर्शन करते हैं तो इससे लोगों के बीच में अच्छी छवि बनती है।
आप जिस चीज का बिजनेस कर रहे हैं, उसमें आप अच्छा ज्ञान रखते होंगे। अपनी इस जानकारी को कुछ इस रूप में लिखना शुरू करें, कि वह पढ़ने वाले के लिए फायदेमंद हो। ये लेख आप अपने फील्ड से जुड़ी मैगजीन और अखबारों में लिख सकते हैं। इसके अलावा आप विभिन्न सेमिनार्स में एक वक्ता के रूप में बोलने के लिए जा सकते हैं। इसके लिए थोड़ा सोशल बनें। जब आप बिजनेस से जुड़ी अपनी विशेषज्ञता का सही जगह पर प्रदर्शन करते हैं तो इससे लोगों के बीच में अच्छी छवि बनती है।
ऎसे न पाएं एक्सपोजर
आजकल पॉजिटिव से ज्यादा निगेटिव खबरें मीडिया में छाई रहती हैं। जिस वजह से लोग सोचते हैं कि कुछ कंट्रोवर्सी करके मीडिया में आया जाए। ऎसी सोच से बचें क्योंकि इसमेे फायदा कम और नुकसान की संभावना अधिक है।
कंपनी का वर्क कल्चर कभी आपसी विवादों को लेकर चर्चा में न आए। इस पक्ष का खास खयाल रखें।
टैक्स चोरी की खबरें कंपनी की बेईमान प्रवृत्ति को दर्शाती हैं। इसलिए ऎसा होने की नौबत न आने दें।
कंपनी में हड़ताल जैसी स्थिति होने पर एंप्लॉइज के बारे में सीधे तौर पर भला-बुरा न कहें। बातचीत से हल निकालें।
मालिकों के बीच की खींचतान को मीडिया की गॉसिप का हिस्सा न बनने दें। कंपनी के विवाद कंपनी मे सुलझाएं।
आजकल पॉजिटिव से ज्यादा निगेटिव खबरें मीडिया में छाई रहती हैं। जिस वजह से लोग सोचते हैं कि कुछ कंट्रोवर्सी करके मीडिया में आया जाए। ऎसी सोच से बचें क्योंकि इसमेे फायदा कम और नुकसान की संभावना अधिक है।
कंपनी का वर्क कल्चर कभी आपसी विवादों को लेकर चर्चा में न आए। इस पक्ष का खास खयाल रखें।
टैक्स चोरी की खबरें कंपनी की बेईमान प्रवृत्ति को दर्शाती हैं। इसलिए ऎसा होने की नौबत न आने दें।
कंपनी में हड़ताल जैसी स्थिति होने पर एंप्लॉइज के बारे में सीधे तौर पर भला-बुरा न कहें। बातचीत से हल निकालें।
मालिकों के बीच की खींचतान को मीडिया की गॉसिप का हिस्सा न बनने दें। कंपनी के विवाद कंपनी मे सुलझाएं।
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