Office Success Tips - Take advantage of office gossip In Hindi
"कानाफूसी" से उठाएं फायदा
वर्कप्लेस पर दस तरह की बातें होती हैं। कुछ बिल्कुल औपचारिक होंगी तो कुछ वे भी होंगी जो कैंटीन, कॉरिडोर्स, वॉशरूम्स और लिफ्ट्स मे होती हैं। औपचारिक बातचीत में तो आपके सीनियर्स या दूसरे कलीग्स के साथ होने वाला ऑफिशियल कम्यूनिकेशन आता है लेकिन जो दूसरी अनौपचारिक बातचीत है, उसकी शुरूआत कभी भी और कहीं भी हो जाती है। इस तरह की कानाफूसी को रोकना नामुमकिन ही है क्योंकि यह लोगों की अभिव्यक्ति का एक निजी और सहज तरीका है।
अक्सर मैनेजमेंट इस तरह की कानाफूसी को नेगेटिव मानकर चलता है लेकिन सच्चाई यह है कि यदि इस कानाफूसी के कुछ नकारात्मक प्रभावों को एक ओर कर दिया जाए तो इसका इस्तेमाल आप कंपनी की बेहतरी के लिए भी कर सकते हैं। बस इसे सही दिशा में ले जाने के लिए आपको थोड़ा धैर्य और सजगता रखनी होगी और सही ढंग से प्रतिक्रिया देनी होगी।
अक्सर मैनेजमेंट इस तरह की कानाफूसी को नेगेटिव मानकर चलता है लेकिन सच्चाई यह है कि यदि इस कानाफूसी के कुछ नकारात्मक प्रभावों को एक ओर कर दिया जाए तो इसका इस्तेमाल आप कंपनी की बेहतरी के लिए भी कर सकते हैं। बस इसे सही दिशा में ले जाने के लिए आपको थोड़ा धैर्य और सजगता रखनी होगी और सही ढंग से प्रतिक्रिया देनी होगी।
मिलेगी सूचनाएं
एंप्लॉइज के बीच होने वाली कानाफूसी में अफवाहें ज्यादा चलती हैं। इन अफवाहों को तो नजरअंदाज किया जाना चाहिए लेकिन उस वजह पर जरूर गौर किया जाना चाहिए, जो इसके मूल में है। इस तरह आप एंप्लॉइज के बीच चल रही चिंताओं या सोच का अंदाजा लगा सकते हैं। इसी तरह से कानाफूसी में चलने वाली बातें आप तक पहुंचने से आपको वर्कप्लेस की कई दिक्कतों और लोगों की अपेक्षाओं का अंदाजा भी हो जाता है। सूचना के इस अहम स्रोत का इस्तेमाल कंपनी का वर्ककल्चर सुधारने के लिए कर सकते हैं।
एंप्लॉइज के बीच होने वाली कानाफूसी में अफवाहें ज्यादा चलती हैं। इन अफवाहों को तो नजरअंदाज किया जाना चाहिए लेकिन उस वजह पर जरूर गौर किया जाना चाहिए, जो इसके मूल में है। इस तरह आप एंप्लॉइज के बीच चल रही चिंताओं या सोच का अंदाजा लगा सकते हैं। इसी तरह से कानाफूसी में चलने वाली बातें आप तक पहुंचने से आपको वर्कप्लेस की कई दिक्कतों और लोगों की अपेक्षाओं का अंदाजा भी हो जाता है। सूचना के इस अहम स्रोत का इस्तेमाल कंपनी का वर्ककल्चर सुधारने के लिए कर सकते हैं।
खुद दें दिशा
कंपनी के भीतर ही चल रही इस कानाफूसी को प्रतिबंधित तो आप नहीं कर सकते लेकिन छन-छन कर आ रही इन सूचनाओं पर गौर करते हुए वर्कप्लेस के हित में फैसले लेकर आप इन चैट्स को सही दिशा जरूर दे सकते हैं। यह आप पर निर्भर है कि आप एंप्लॉइज को आपस में बात करते देख घबरा जाते हैं या स्थितियों के अनुकूल निर्णय लेते हैं।
कंपनी के भीतर ही चल रही इस कानाफूसी को प्रतिबंधित तो आप नहीं कर सकते लेकिन छन-छन कर आ रही इन सूचनाओं पर गौर करते हुए वर्कप्लेस के हित में फैसले लेकर आप इन चैट्स को सही दिशा जरूर दे सकते हैं। यह आप पर निर्भर है कि आप एंप्लॉइज को आपस में बात करते देख घबरा जाते हैं या स्थितियों के अनुकूल निर्णय लेते हैं।
सुधरेगा कामकाज
कानाफूसी में एक सबसे ज्यादा डिस्कस किया जाने वाला टॉपिक है- कंपनी में कामकाज का स्टाइल। उन्हें अक्सर इससे शिकायत होती है। कई बार यह बेवजह शिकायत की आदत की वजह से होती है लेकिन कई बार एंप्लॉइज वाकई समस्याओं से जूझ रहे होते हैं। इस तरह की बातें बार-बार सुनने में आएं तो वर्कप्लेस पर कामकाज के तरीकों पर गौर करें। यदि वाकई गलती हो तो सुधारने की पहल करें। कानाफूसी पर समय रहते ध्यान देकर एंप्लॉइज का रोष खत्म करें।
कानाफूसी में एक सबसे ज्यादा डिस्कस किया जाने वाला टॉपिक है- कंपनी में कामकाज का स्टाइल। उन्हें अक्सर इससे शिकायत होती है। कई बार यह बेवजह शिकायत की आदत की वजह से होती है लेकिन कई बार एंप्लॉइज वाकई समस्याओं से जूझ रहे होते हैं। इस तरह की बातें बार-बार सुनने में आएं तो वर्कप्लेस पर कामकाज के तरीकों पर गौर करें। यदि वाकई गलती हो तो सुधारने की पहल करें। कानाफूसी पर समय रहते ध्यान देकर एंप्लॉइज का रोष खत्म करें।
सुधरेंगे रिश्ते
ऑफिस की कानाफूसी में जब मैनेजमेंट की बुराइयां हों तो समझ लें कि आपके एंप्लॉई आपकी नीतियो से ज्यादा जुड़ाव महसूस नहीं कर रहे। एक तानाशाही प्रवृत्ति अपनाकर आप इसे नजरअंदाज कर सकते हैं लेकिन एक स्मार्ट लीडर बनकर आप उन्हें अपने पक्ष में करने की रणनीति अपना सकते हैं। एंप्लॉइज के साथ विश्वास पर आधारित रिश्ते बनाकर उनका विश्वास मजबूत करें।
ऑफिस की कानाफूसी में जब मैनेजमेंट की बुराइयां हों तो समझ लें कि आपके एंप्लॉई आपकी नीतियो से ज्यादा जुड़ाव महसूस नहीं कर रहे। एक तानाशाही प्रवृत्ति अपनाकर आप इसे नजरअंदाज कर सकते हैं लेकिन एक स्मार्ट लीडर बनकर आप उन्हें अपने पक्ष में करने की रणनीति अपना सकते हैं। एंप्लॉइज के साथ विश्वास पर आधारित रिश्ते बनाकर उनका विश्वास मजबूत करें।
जोड़ेगी सूचना
कानाफूसी मे चल रही अफवाहों की एक वजह जानकारी का अभाव भी होता है। कंपनी में ऊंचे ओहदों पर बैठे बहुत से लोग एंप्लॉइज तक सूचना का लगातार प्रवाह सुनिश्चित करके भी इस तरह की अफवाहों पर लगाम लगा सक ते हैं। यही नहीं आपका "वेल इन्फॉम्र्ड" वर्कर बेहतर जानकारी होने पर अपने स्तर के निर्णय अच्छी तरह से ले सकेगा। एंप्लॉइज से जुड़ी सूचनाएं उन तक पहुंचना सुनिश्चित करके जुड़ाव महसूस करवा सकते हैं।
कानाफूसी मे चल रही अफवाहों की एक वजह जानकारी का अभाव भी होता है। कंपनी में ऊंचे ओहदों पर बैठे बहुत से लोग एंप्लॉइज तक सूचना का लगातार प्रवाह सुनिश्चित करके भी इस तरह की अफवाहों पर लगाम लगा सक ते हैं। यही नहीं आपका "वेल इन्फॉम्र्ड" वर्कर बेहतर जानकारी होने पर अपने स्तर के निर्णय अच्छी तरह से ले सकेगा। एंप्लॉइज से जुड़ी सूचनाएं उन तक पहुंचना सुनिश्चित करके जुड़ाव महसूस करवा सकते हैं।
सीधे संपर्क
जिन कंपनियों में एंप्लॉइज अपने सीनियर्स या बॉसेज को सीधे जाकर अपनी समस्याएं नहीं बता पाते, वहां असंतोष का माहौल कभी भी पनप सकता है। इसलिए अपने एंप्लॉइज के साथ बातचीत के माध्यम खुले रखें। कई बार एंप्लॉइज आपके पास काम बेहतर करने के सुझाव के साथ भी आ सकते हैं।
जिन कंपनियों में एंप्लॉइज अपने सीनियर्स या बॉसेज को सीधे जाकर अपनी समस्याएं नहीं बता पाते, वहां असंतोष का माहौल कभी भी पनप सकता है। इसलिए अपने एंप्लॉइज के साथ बातचीत के माध्यम खुले रखें। कई बार एंप्लॉइज आपके पास काम बेहतर करने के सुझाव के साथ भी आ सकते हैं।
कानाफूसी पर कंट्रोल
कानाफूसी पर बलपूर्वक कंट्रोल करने की कोशिश में फायदे के बजाय नुकसान उठाने पड़ सकते हैं इसलिए ऎसा सीधे तौर पर करने की कोशिश न ही करें।
कानाफूसी पर बलपूर्वक कंट्रोल करने की कोशिश में फायदे के बजाय नुकसान उठाने पड़ सकते हैं इसलिए ऎसा सीधे तौर पर करने की कोशिश न ही करें।
लोगों की आपसी बातचीत पर बैन न लगाएं, इससे आपकी कंपनी की लीडरशिप की छवि तानाशाही वाली बन सकती है।
अफवाह फैलाने वालों को सीधे तौर पर बुलाकर अपमानित करने के बजाय लोगों के सामने सच से जुड़े फैक्ट्स रखें। इससे आपकी अपनी विश्वसनीयता बढ़ेगी।
अफवाह फैलाने वालों को सीधे तौर पर बुलाकर अपमानित करने के बजाय लोगों के सामने सच से जुड़े फैक्ट्स रखें। इससे आपकी अपनी विश्वसनीयता बढ़ेगी।
कंपनी में फीडबैक के सिस्टम को पर्याप्त महत्व दें ताकि लोगों को अपनी अभिव्यक्ति का एक औपचारिक और वाजिब मंच मिले।
फीडबैक के अलावा एंप्लॉइज से समय-समय पर वर्क-कल्चर सुधारने के सुझाव लेते रहें।
फीडबैक के अलावा एंप्लॉइज से समय-समय पर वर्क-कल्चर सुधारने के सुझाव लेते रहें।
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