How to Be a Successful Intern - in Hindi
Keep these points in mind during internship
Keep these points in mind during internship
ऎसे बनें सफल इंटर्न
इंटर्नशिप के दौरान आपको सबसे बेहतरीन परफॉर्म करना पड़ता है। यहीं से आपके कॅरियर की राह निकलती है। अकेडमिक्स में शानदार प्रदर्शन के बाद कंपनी में काम करते हुए आपको एक बार फिर खुद की काबिलियत साबित करनी पड़ती है। अगर आप बेहतर इंटर्न के तौर पर अपनी छाप छोड़ते हैं तो इस बात की संभावना काफी बढ़ जाती है कि आपको परमानेंट नौकरी भी मिल जाए। अगर आप इंटर्नशिप के दौरान कमिटमेंट के साथ काम करेंगे तो हर कोई आपको नोटिस करेगा। इससे आपको नौकरी मिलने की संभावना बढ़ेगी। अगर आप चाहते हैं कि इंटर्नशिप के समय को यादगार बनाना चाहते हैं तो ऎसी ही बातों पर गौर करें। अगर आप सफलतापूर्वक इंटर्नशिप कर लेते हैं तो आप काफी भाग्यशाली हैं। बतौर इंटर्न अगर आप अपने एम्प्लॉयर को प्रभावित करना चाहते हैं तो आपको काम के दौरान छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देना होगा।
सही शुरूआत करें
कंपनी ज्वॉइन करने से दो सप्ताह पहले अपने मैनेजर से मिलें और संस्थान के बारे में जानकारी हासिल करें। ज्वॉइनिंग पर खुद का परिचय दें। लोगों का अभिवादन करें और जिन चीजों के बारे में आपको पता नहीं है, उनके बारे में जानकारी इकट्ठा करें। कंपनी में हर जरूरी जगह पर उपस्थिति दर्ज करवाएं।
कंपनी ज्वॉइन करने से दो सप्ताह पहले अपने मैनेजर से मिलें और संस्थान के बारे में जानकारी हासिल करें। ज्वॉइनिंग पर खुद का परिचय दें। लोगों का अभिवादन करें और जिन चीजों के बारे में आपको पता नहीं है, उनके बारे में जानकारी इकट्ठा करें। कंपनी में हर जरूरी जगह पर उपस्थिति दर्ज करवाएं।
काम की मांग करें
कोशिश करें कि कंपनी में आपके पास कोई न कोई काम हमेशा रहे। ऑफिस सबसे पहले पहुंचें और सबसे आखिर में निकलें। कम से कम समय में ज्यादा से ज्यादा लोगों से मिलने की कोशिश करें। हो सकता है कि ऑफिस का हर काम आपको पसंद न हो पर आपको हर काम पूरे ध्यान से करना चाहिए।
कोशिश करें कि कंपनी में आपके पास कोई न कोई काम हमेशा रहे। ऑफिस सबसे पहले पहुंचें और सबसे आखिर में निकलें। कम से कम समय में ज्यादा से ज्यादा लोगों से मिलने की कोशिश करें। हो सकता है कि ऑफिस का हर काम आपको पसंद न हो पर आपको हर काम पूरे ध्यान से करना चाहिए।
पैसा भूल जाएं
पैसे के आधार पर इंटर्नशिप का चुनाव न करें। पेड के बजाय अनपेड इंटर्नशिप चुनें, क्योंकि जब आपको भुगतान नहीं होगा तो आप इस बात पर फोकस करेंगे कि समय का सदुपयोग किस तरह से किया जाए। ऎसी स्थिति में आप सबसे ज्यादा सीखने पर ध्यान देंगे और अपने काम से एम्प्लॉयर को प्रभावित करने का प्रयास करेंगे।
गलत आदतें
सोशल मीडिया पर प्रचार - ऑफिस से जुड़ी बातों को सोशल मीडिया पर न डालें। इससे आपके कलीग्स नाराज हो सकते हैं।
अनुभवहीनता न दिखाएं - ज्यादातर प्रोफेशनल्स इंटन्र्स से फ्रेश आइडिया मांगते हैं पर बिना पूरी जानकारी के कोई राय न दें। अपने सोल्यूशन पर पूरी रिसर्च करें।
गलत ईमेल लिखना - ऑफिस के लिखित कम्यूनिकेशन का एक फॉर्मेट होता है। एसएमएस लैंग्वेज, ग्रामर और स्पेलिंग की गलतियां न करें।
एक काम में अटकना - एम्प्लॉयर ऎसे इंटन्र्स पसंद नहीं करेगा, जिसे पेंडिंग काम की याद दिलानी पड़ती हो। अगर आप कंपनी द्वारा दिया हुआ काम पूरा नहीं करेंगे तो कोई भी आप पर गौर नहीं करेगा।
बनाएं नेटवर्क
इंटर्नशिप के दौरान ज्यादा से ज्यादा लोगों के साथ संपर्क स्थापित करें। कलीग्स, क्लाइंट्स, वेंडर्स और दूसरे इंटन्र्स के साथ नेटवर्क बनाएं। अपने मेंटर्स, मैनेजर्स और टीम मेंबर्स के साथ मुलाकात करते रहें। ऑफिस और इंडस्ट्री इवेंट्स में हिस्सा लें। लोगों से मुलाकात के बाद उनकी कॉन्टैक्ट डिटेल फोनबुक में नोट कर लें।
इंटर्नशिप के दौरान ज्यादा से ज्यादा लोगों के साथ संपर्क स्थापित करें। कलीग्स, क्लाइंट्स, वेंडर्स और दूसरे इंटन्र्स के साथ नेटवर्क बनाएं। अपने मेंटर्स, मैनेजर्स और टीम मेंबर्स के साथ मुलाकात करते रहें। ऑफिस और इंडस्ट्री इवेंट्स में हिस्सा लें। लोगों से मुलाकात के बाद उनकी कॉन्टैक्ट डिटेल फोनबुक में नोट कर लें।
कागज पूरे रखें
आप ऑफिस में जो भी काम कर रहे हैं, उससे संबंधित पूरे कागज आपके पास होने चाहिए। आप जिस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं, उससे संबंधित चुनौतियों, मौजूदा संसाधनों, टाइम लाइन, प्लानिंग और आपके द्वारा किए गए प्रयासों का पूरा ब्यौरा होना चाहिए।
आप ऑफिस में जो भी काम कर रहे हैं, उससे संबंधित पूरे कागज आपके पास होने चाहिए। आप जिस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं, उससे संबंधित चुनौतियों, मौजूदा संसाधनों, टाइम लाइन, प्लानिंग और आपके द्वारा किए गए प्रयासों का पूरा ब्यौरा होना चाहिए।
नियमों का पालन करें
हर ऑफिस में काम और व्यवहार के लिखित और अलिखित दोनों तरह के नियम होते हैं। ऑफिस कल्चर को समझने के लिए मेंटर से बात करें और लोगों को ऑब्जर्व करें। इंटर्नशिप के दौरान छुटि्टयां न लें। मीटिंग्स में समय पर पहुंचें। काम से जुड़ी रिपोट्र्स के बारे में टीम मेंबर्स को नियमित रूप से बताते रहें।
हर ऑफिस में काम और व्यवहार के लिखित और अलिखित दोनों तरह के नियम होते हैं। ऑफिस कल्चर को समझने के लिए मेंटर से बात करें और लोगों को ऑब्जर्व करें। इंटर्नशिप के दौरान छुटि्टयां न लें। मीटिंग्स में समय पर पहुंचें। काम से जुड़ी रिपोट्र्स के बारे में टीम मेंबर्स को नियमित रूप से बताते रहें।
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