How To Get command over English - Read in Hindi


अंग्रेजी पर बनाइए कमांड

Get command over English

वैश्वीकरण के साथ ही एक से अधिक भाषाओं पर कमांड समय की जरूरत बन गई। ऎसे में खास तवज्जो अंग्रेजी को मिली। विदेशी भाष्ाा होने की वजह से कई बार हम लोग खुद को इसमें कमजोर महसूस करते हैं लेकिन सच्चाई यह है कि यदि थोड़ा सा भी नियमित अभ्यास किया जाए तो हम अंग्रेजी भाषा पर आसानी से अपनी पकड़ बना सकते हैं। 

नहीं कोई हीनता
अंग्रेजी पर कमांड के लिए सबसे पहले मन से यह हीन भावना निकाल दीजिए कि अंग्रेजी न आने की वजह से आप अधूरे या पिछड़े हैं। यह एक विदेशी भाष्ाा है, और उपयुक्त माहौल न मिलने पर यदि इसपर हमारी कमांड नहीं है तो कोई अपराध नहीं है। हीन भावना हटाने के बाद ही आप अपनी क्षमताओं को एकत्र करके दिशा दे पाएंगे।

बेसिक से करें शुरू
हम लोगों में से बहुत से लोगों ने पढ़ाई हिंदी माध्यम से की है। इसके चलते भी अंग्रेजी का अभ्यास नहीं हो पाता। इस स्थिति में बेसिक से शुरूआत करनी चाहिए। कक्षा पहली, दूसरी की अंग्रेजी की किताबों से पढ़ना शुरू करेंगे तो आसानी से गति पकड़ पाएंगे।

खुलेंगे दायरे
अंग्रेजी जानने से जॉब हासिल करने में तो मदद मिलती ही है, साथ ही आपके लिए एक नई संस्कृति के दरवाजे भी खुल जाते हैं। हर नई भाष्ाा के साथ उसकी संस्कृति, कला और लोगों को जानने के अवसर जुड़े रहते हैं। इस तरह एक नई भाष्ाा सीखकर आप खुद को इस रूप में भी समृद्ध बना सक ते हैं।

बोलना भी जरूरी
अक्सर ऎसा होता है कि हम अंग्रेजी लिख और पढ़ तो लेते हैं लेकिन बोलने मे झिझक महसूस करने लगते हैं। इस झिझक को दूर करने का तरीका है कि ऎसे दोस्त या शिक्षक के साथ अंग्रेजी में बात शुरू कीजिए, जो अंग्रेजी जानता है और आपकी गलतियां भी आराम से बताता है। बोलने के अभ्यास से आपकी झिझक दूर हो जाएगी।

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How to impress the interviewer - in Hindi


इंटरव्यू में "इंप्रेशन"

Tips to impress the interviewer

इंटरव्यू में भावी एंप्लॉयर को प्रभावित करने के लिए आपको अपनी बॉडी लैंग्वेज पर खास तौर पर ध्यान देना होगा। इससे आप नॉलेज के साथ-साथ सभ्यता भी सामने वाले को दर्शाते हैं।

प्लेसमेंट के दौरान या ऑफ कैं पस नौकरी ढूंढते हुए आपको अपने भावी एंप्लॉयर को इंटरव्यू देना होता है। एक ही कॉलेज, एक ही स्ट्रीम और एक ही डिग्री होने के बावजूद सभी आवेदकों का चयन इंटरव्यू में नहीं होता। इसके लिए आपमें ऎसी खासियत होनी चाहिए, जो आपको बाकी आवेदकों से अलग दिखाए।

जॉब के लिए इंटरव्यू देने वालों का पहला इंप्रेशन इंटरव्यू बोर्ड को खास तौर पर याद रहता है। बोर्ड मेंबर्स का सवाल पूछने का मूड बहुत हद तक आपके इस इंप्रेशन से तय होता है। इंटरव्यू रूम में दाखिल होते हुए स्माइल बनाए रखें। चेहरे से तनाव न झलके। सामने वाले से कॉन्फिडेंट होकर हाथ मिलाएं और बात करते हुए नजरें चुराएं नहीं।

दिखाएं उत्सुकता
जिस कंपनी या जिस काम के लिए आप आवेदन कर रहे हैं, यदि आपके मन में उसके लिए उत्साह ही नहीं है तो सामने वाले को आपका रवैया खटक सकता है। लेकिन यदि आप उस काम को लेकर उत्साहित नजर आते हैं तो फ्रेशर होने पर भी आपको चांस देने में उन्हें झिझक महसूस नहीं होगी। 

होंगे सवाल जवाब
इंटरव्यू में सवाल जवाब दोनों ओर से होने चाहिए। यदि आप बंधकर सिर्फ जवाब देने के लिए ही बैठे रहेंगे तो इंटरव्यू मैकेनिकल किस्म का हो जाएगा। बोर्ड की बातों में रूचि दिखाइए और यदि वे आपको कंपनी, वर्क प्रोफाइल आदि के बारे में कुछ बता रहे हैं, तो आप उनसे इसके बारे में सवाल पूछ सकते हैं। बस ऎसे सवाल पूछकर इंप्रेशन खराब न करें- मेरा हो जाएगा ना? मेरा प्रदर्शन आपको कैसा लगा?

न दिखाएं अहम 
अपनी बात पर दृढ़ होना अच्छा है लेकिन यदि किसी क ो अपनी दृढ़ता का जबरन अहसास दिलाने के लिए आप हर बात पर अड़ते दिखेंगे तो इंप्रेशन अच्छे के बजाय बुरा पड़ेगा। इससे ऎसा संदेश जाएगा कि आप अपने आगे किसी की सुनना ही नहीं चाहते हैं। ऎसे लोगों को कोई पसंद नहीं करता।

यहां दिखें सभ्य
इंटरव्यू में एक अहम चीज जो आपका इंप्रेशन तय करती है, वह है आपका पहनावा। इंटरव्यू के लिए जो भी पहनकर जाना है, उसे पहले पहनकर ट्राई जरूर कर लें। कपड़े ऎसे पहनें जो आरामदायक हों और ऑफिस के माहौल के हिसाब से सभ्य हों। फालतू तड़क भड़क और एसेसरीज से बचें।


Interview Tips on Office and Success

How to Promote Business with Media - in Hindi

How to Promote Business with Media - in Hindi

मीडिया में नजर आए बिजनेस

बिजनेस के प्रचार-प्रसार में उसे मिलने वाले मीडिया एक्सपोजर की एक अहम भूमिका है। इससे बिजनेस का प्रचार तो होता ही है साथ ही मीडिया में नजर आने से उसकी एक विश्वसनीयता भी लोगों के बीच बनती है। छोटे बिजनेसेज के लिए एडवर्टाइजमेंट का बजट बहुत ज्यादा नहीं होता। इसलिए एड के माध्यम से मीडिया में छाने का सपना उनके लिए थोड़ा मुश्किल हो जाता है। हालांकि मीडिया में प्रमुखता से छपने और दिखने के और भी तरीके हैं। इन तरीकों में आपको ज्यादा पैसा नहीं खर्च करना पड़ता।
थोड़ी सी स्मार्ट रणनीति और मेहनत के दम पर आप मीडिया में अपने लिए स्थान बना सकते हैं। मीडिया से बिजनेस क ो मिल सकने वाले फायदों को देखते हुए बहुत से छोटे-बड़े बिजनेस इसे महत्व देने लगे हैं। बहुत से लोग तो मीडिया मैनेजमेंट के लिए अलग टीम भी नियुक्त करने लगे हैं। आइए जानें इस सोशल स्पेस में आने के कुछ तरीके-

ढूंढें अपने प्रचारक
मीडिया में प्रमुखता से आने के लिए सही रणनीति तो आप तब बना पाएंगे, जब आपको पता होगा, कि आप किन-किन माध्यमों से मीडिया में आ सक ते हैं। अपने बिजनेस के मुख्य क्षेत्र में आने वाले अखबारों, मैगजीनों, लोकल न्यूज चैनलों आदि की जानकारी जुटाएं। इसके बाद इनके रिपोर्टरों से संपर्क स्थापित करें। इनसे मिलकर जानें कि ये बिजनेसेज से जुड़ी किस किस्म की स्टोरीज को प्रमुखता देते हैं। नियमित संपर्क होने पर कंपनी के समारोहों की जानकारी इन्हें दें।

लोकल करेगा असर
बहुत से लोकल टीवी चैनल या रेडियो चैनल अपने संचार माध्यम को लोकल टच देने के लिए शहर की प्रमुख हस्तियों के साथ इंटरव्यू करते रहते हैं। राष्ट्रीय चैनलों पर आने के ख्वाब देखकर इन चैनल्स को "लोकल" मानकर खारिज करने की भूल न करें क्योंकि ये आपके असल ऑडियन्स तक सीधी पहुंच रखते हैं। इन चैनल्स को इंटरव्यू देकर आप अपने बिजनेस का प्रचार कर सकते हैं। 

जब भेजें प्रेस रिलीज 
मीडिया में आने के माध्यमों यानी रिपोर्टर्स आदि की पहचान के बाद काम आता है उन्हें अपने इवेंट के बारे में सूचना देने का। पहले तो उन्हें औपचारिक निमंत्रण भिजवाएं। वे आ पाएं तो बहुत अच्छा लेकिन यदि न आ पाएं तो इवेंट वाले दिन ही समय रहते एक प्रेस रिलीज उनके ऑफिस में भिजवा दें। इसकी जानकारी उन्हें जरूर दें ताकि यह कागज के दूसरे टुकड़ों में खो न जाए। प्रेस रिलीज में सबसे नई बात सबसे ऊपर लिखें। इसे ऎसे लिखें जिसका सीधा संबंध पाठकों और दर्शकों के हितों से हो।

जुड़ें सोशल कॉÊा से
समाज के लिए कुछ अच्छा करने वाले बिजनेस हाउसेज को मीडिया अच्छी कवरेज देता है। इसलिए किसी सोशल कॉज को जरूर अपनाइए। अच्छा तो यह होगा कि आप ऎसा सोशल कॉज चुनें, जो किसी न किसी तरह आपके ही बिजनेस से जुड़ा हो। इसे इस तरह समझें कि आपका अपना कॉलेज है और आप 12वीं पास करने वाले बच्चों के लिए फ्री में एक्सपट्र्स से काउंसलिंग आयोजित करवा रहे हैं। अपने सोशल कॉÊा की जानकारी मीडिया को दें। इस जानकारी में इस कॉÊा के फायदे जरूर बताएं।

अपनाएं सोशल मीडिया
मीडिया में आने का अर्थ सिर्फ पारंपरिक मीडिया पर आना नहीं है। आजकल इसमें सोशल मीडिया को भी प्रमुखता से लिया जाने लगा है। तभी तो हर प्रमुख बिजनेस अपने फेसबुक पेज और टि्वटर अकाउंट बनाने पर जोर देने लगे हैं। आप भी अपने ये अकाउंट और पेज बनाएं और नियमित रूप से अपने यूजर्स के लिए महत्वपूर्ण जानकारी अपडेट करें। आप अपना ब्लॉग भी शुरू करके उस पर टारगेट ऑडियंस के लिए महत्वपूर्ण जानकारी दे सकते हंै। 

दिखाएं विशेषज्ञता 
आप जिस चीज का बिजनेस कर रहे हैं, उसमें आप अच्छा ज्ञान रखते होंगे। अपनी इस जानकारी को कुछ इस रूप में लिखना शुरू करें, कि वह पढ़ने वाले के लिए फायदेमंद हो। ये लेख आप अपने फील्ड से जुड़ी मैगजीन और अखबारों में लिख सकते हैं। इसके अलावा आप विभिन्न सेमिनार्स में एक वक्ता के रूप में बोलने के लिए जा सकते हैं। इसके लिए थोड़ा सोशल बनें। जब आप बिजनेस से जुड़ी अपनी विशेषज्ञता का सही जगह पर प्रदर्शन करते हैं तो इससे लोगों के बीच में अच्छी छवि बनती है। 

ऎसे न पाएं एक्सपोजर
आजकल पॉजिटिव से ज्यादा निगेटिव खबरें मीडिया में छाई रहती हैं। जिस वजह से लोग सोचते हैं कि कुछ कंट्रोवर्सी करके मीडिया में आया जाए। ऎसी सोच से बचें क्योंकि इसमेे फायदा कम और नुकसान की संभावना अधिक है।
कंपनी का वर्क कल्चर कभी आपसी विवादों को लेकर चर्चा में न आए। इस पक्ष का खास खयाल रखें। 
टैक्स चोरी की खबरें कंपनी की बेईमान प्रवृत्ति को दर्शाती हैं। इसलिए ऎसा होने की नौबत न आने दें। 
कंपनी में हड़ताल जैसी स्थिति होने पर एंप्लॉइज के बारे में सीधे तौर पर भला-बुरा न कहें। बातचीत से हल निकालें।
मालिकों के बीच की खींचतान को मीडिया की गॉसिप का हिस्सा न बनने दें। कंपनी के विवाद कंपनी मे सुलझाएं।

Office Success Tips - Take advantage of office gossip

Office Success Tips - Take advantage of office gossip In Hindi

"कानाफूसी" से उठाएं फायदा

वर्कप्लेस पर दस तरह की बातें होती हैं। कुछ बिल्कुल औपचारिक होंगी तो कुछ वे भी होंगी जो कैंटीन, कॉरिडोर्स, वॉशरूम्स और लिफ्ट्स मे होती हैं। औपचारिक बातचीत में तो आपके सीनियर्स या दूसरे कलीग्स के साथ होने वाला ऑफिशियल कम्यूनिकेशन आता है लेकिन जो दूसरी अनौपचारिक बातचीत है, उसकी शुरूआत कभी भी और कहीं भी हो जाती है। इस तरह की कानाफूसी को रोकना नामुमकिन ही है क्योंकि यह लोगों की अभिव्यक्ति का एक निजी और सहज तरीका है। 
अक्सर मैनेजमेंट इस तरह की कानाफूसी को नेगेटिव मानकर चलता है लेकिन सच्चाई यह है कि यदि इस कानाफूसी के कुछ नकारात्मक प्रभावों को एक ओर कर दिया जाए तो इसका इस्तेमाल आप कंपनी की बेहतरी के लिए भी कर सकते हैं। बस इसे सही दिशा में ले जाने के लिए आपको थोड़ा धैर्य और सजगता रखनी होगी और सही ढंग से प्रतिक्रिया देनी होगी।

मिलेगी सूचनाएं
एंप्लॉइज के बीच होने वाली कानाफूसी में अफवाहें ज्यादा चलती हैं। इन अफवाहों को तो नजरअंदाज किया जाना चाहिए लेकिन उस वजह पर जरूर गौर किया जाना चाहिए, जो इसके मूल में है। इस तरह आप एंप्लॉइज के बीच चल रही चिंताओं या सोच का अंदाजा लगा सकते हैं। इसी तरह से कानाफूसी में चलने वाली बातें आप तक पहुंचने से आपको वर्कप्लेस की कई दिक्कतों और लोगों की अपेक्षाओं का अंदाजा भी हो जाता है। सूचना के इस अहम स्रोत का इस्तेमाल कंपनी का वर्ककल्चर सुधारने के लिए कर सकते हैं।

खुद दें दिशा 
कंपनी के भीतर ही चल रही इस कानाफूसी को प्रतिबंधित तो आप नहीं कर सकते लेकिन छन-छन कर आ रही इन सूचनाओं पर गौर करते हुए वर्कप्लेस के हित में फैसले लेकर आप इन चैट्स को सही दिशा जरूर दे सकते हैं। यह आप पर निर्भर है कि आप एंप्लॉइज को आपस में बात करते देख घबरा जाते हैं या स्थितियों के अनुकूल निर्णय लेते हैं। 

सुधरेगा कामकाज 
कानाफूसी में एक सबसे ज्यादा डिस्कस किया जाने वाला टॉपिक है- कंपनी में कामकाज का स्टाइल। उन्हें अक्सर इससे शिकायत होती है। कई बार यह बेवजह शिकायत की आदत की वजह से होती है लेकिन कई बार एंप्लॉइज वाकई समस्याओं से जूझ रहे होते हैं। इस तरह की बातें बार-बार सुनने में आएं तो वर्कप्लेस पर कामकाज के तरीकों पर गौर करें। यदि वाकई गलती हो तो सुधारने की पहल करें। कानाफूसी पर समय रहते ध्यान देकर एंप्लॉइज का रोष खत्म करें।

सुधरेंगे रिश्ते
ऑफिस की कानाफूसी में जब मैनेजमेंट की बुराइयां हों तो समझ लें कि आपके एंप्लॉई आपकी नीतियो से ज्यादा जुड़ाव महसूस नहीं कर रहे। एक तानाशाही प्रवृत्ति अपनाकर आप इसे नजरअंदाज कर सकते हैं लेकिन एक स्मार्ट लीडर बनकर आप उन्हें अपने पक्ष में करने की रणनीति अपना सकते हैं। एंप्लॉइज के साथ विश्वास पर आधारित रिश्ते बनाकर उनका विश्वास मजबूत करें।

जोड़ेगी सूचना
कानाफूसी मे चल रही अफवाहों की एक वजह जानकारी का अभाव भी होता है। कंपनी में ऊंचे ओहदों पर बैठे बहुत से लोग एंप्लॉइज तक सूचना का लगातार प्रवाह सुनिश्चित करके भी इस तरह की अफवाहों पर लगाम लगा सक ते हैं। यही नहीं आपका "वेल इन्फॉम्र्ड" वर्कर बेहतर जानकारी होने पर अपने स्तर के निर्णय अच्छी तरह से ले सकेगा। एंप्लॉइज से जुड़ी सूचनाएं उन तक पहुंचना सुनिश्चित करके जुड़ाव महसूस करवा सकते हैं।

सीधे संपर्क
जिन कंपनियों में एंप्लॉइज अपने सीनियर्स या बॉसेज को सीधे जाकर अपनी समस्याएं नहीं बता पाते, वहां असंतोष का माहौल कभी भी पनप सकता है। इसलिए अपने एंप्लॉइज के साथ बातचीत के माध्यम खुले रखें। कई बार एंप्लॉइज आपके पास काम बेहतर करने के सुझाव के साथ भी आ सकते हैं।

कानाफूसी पर कंट्रोल
कानाफूसी पर बलपूर्वक कंट्रोल करने की कोशिश में फायदे के बजाय नुकसान उठाने पड़ सकते हैं इसलिए ऎसा सीधे तौर पर करने की कोशिश न ही करें।

लोगों की आपसी बातचीत पर बैन न लगाएं, इससे आपकी कंपनी की लीडरशिप की छवि तानाशाही वाली बन सकती है।
अफवाह फैलाने वालों को सीधे तौर पर बुलाकर अपमानित करने के बजाय लोगों के सामने सच से जुड़े फैक्ट्स रखें। इससे आपकी अपनी विश्वसनीयता बढ़ेगी। 

कंपनी में फीडबैक के सिस्टम को पर्याप्त महत्व दें ताकि लोगों को अपनी अभिव्यक्ति का एक औपचारिक और वाजिब मंच मिले।
फीडबैक के अलावा एंप्लॉइज से समय-समय पर वर्क-कल्चर सुधारने के सुझाव लेते रहें।

Office Success Tips on OfficeandSuccess

How to Find Right Job Tips in Hindi

How to Find Right Job Tips in Hindi

Alumni to help you in job search एलुमिनाई अब करेंगे मदद!

अगर आप एलुमिनाई के साथ नेटवर्क स्थापित करते हैं तो इससे जॉब खोजने और कॅरियर में आगे बढ़ने में काफी मदद मिल सकती है। जानते हैं कि एलुमिनाई के साथ नेटवर्क बनाने में किन बातों का ध्यान रखा जाए।
आपको एलुमिनाई के साथ नेटवर्क की जरूरत क्यों है? इस बारे में विचार करना जरूरी है। निजी समस्याओं में मदद करने के लिए परिवार आपका साथ देता है जबकि प्रोफेशनल फ्रंट पर कोई आपके साथ नहीं होता। ऎसे में एलुमिनाई के साथ नेटवर्क मददगार साबित हो सकता है। आपको सपोर्ट के लिए दोस्तों और एक जैसी सोच वाले लोगों का नेटवर्क तैयार करना चाहिए। विभिन्न कंपनियों में काम कर रहे आपके कॉलेज के एलुमिनाई आपको कॅरियर में आगे बढ़ने की सही राह दिखा सकते हैं। 

महत्व देना शुरू करें
संबंधों में निवेश करें। हर्ष सप्रू ने एक बड़ी फर्म में अप्लाई किया। उसे पता लगा कि उसके एमबीए कॉलेज का एलुमिनस कंपनी में रीजनल मैनेजर के तौर पर काम कर रहा है। हर्ष ने उसे ईमेल किया और इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट करवाने का निवेदन किया। मैनेजर ने ईमेल एचआर को फारवर्ड कर दिया। एचआर ने उस पर कोई ध्यान ही नहीं दिया। सप्रू ने एलुमिनस को हल्के में लिया और बेवजह मदद पाने की कोशिश की। इसके बजाय हर्ष को शुरूआती दिनों से ही एलुमिनाई से संबंध विकसित करने चाहिए। मुसीबत के समय तुरंत उन्हें याद करने से कुछ नहीं होगा। एलुमिनाई के लिए समय निकालें। 

नजर आते रहें
लोगों को पता होना चाहिए कि आप कौन हैं। ग्रेजुएशन के बाद दिल्ली के गौरव वर्मा दोस्तों के लिए अनऑफिशियल कनेक्टिंग प्वॉइंट बन चुके हैं। कॉन्टैक्ट डिटेल शेयर करने से लेकर जॉब अपडेट्स तक के लिए गौरव हमेशा उपलब्ध रहते हैं। जब गौरव ने एंटरप्रेन्योर बनने का फैसला लिया तो उन्होंने इन्वेस्टर्स, डिस्टीब्यूटर्स और कस्टमर्स के लिए अपने नेटवर्क का इस्तेमाल किया। सबने तुरंत जवाब दिए। इस तरह गौरव का वेंचर सफल होने लगा। लोगों की नजर में रहना चुनौती भरा काम नहीं है। इसके लिए सभी एलुमिनाई मुलाकातों और आयोजनों में हिस्सा लें। अपने टीचर्स और प्रोफेसर्स के अभिनंदन समारोहों का हिस्सा बनें। सोशल नेटवर्क ग्रुप्स पर होने वाले डिस्कशन्स में शामिल हों।

पहले दें, फिर लें
लोगों की निस्वार्थ भाव से मदद करें। उदाहरण के तौर पर आप अपने फर्म की रिक्रूटमेंट ड्राइव को अपने इंजीनियरिंग कॉलेज तक ले जा सकते हैं। स्टूडेंट्स की एप्टीट्यूड टेस्ट, गु्रप डिस्कशन और इंटरव्यू पास करने में मदद कर सकते हैं। अनुभव प्राप्त करने के लिए स्टूडेंट्स को अनपेड इंटर्नशिप ऑफर कर सकते हैं। 

शोध करें
आपको अपने एलुमिनाई को अच्छी तरह से जानने की कोशिश करनी चाहिए। इसके लिए आपको रिसर्च करनी चाहिए कि उनके शौक क्या-क्या हैं, उनके किस तरह का काम पसंद है, वे किस इंडस्ट्री को ज्यादा तवज्जो देते हैं। एक ही सेक्टर में काम कर रहे एलुमिनाई से जुड़ने का प्रयास करें। उनके साथ जानकारियां साझा की जा सकती हैं।

सलाह लें
नौकरी खोजने के दौरान एलुमिनाई से सिर्फ रेफरेंस या सलाह के बारे में बात करें। अगर आप एलुमिनाई के नजदीकी मित्र नहीं हैं तो जॉब वैकेंसी के बारे में नहीं पूछें। अगर आप सीधे एलुमिनाई के पास जाते हैं और नौकरी की बात करते हैं तो वह कुछ नहीं कर पाएगा। कॉर्पोरेट वल्र्ड में किसी एक व्यक्ति के कहने पर नौकरी नहीं मिलती। 

खास बातें

सही तरीका अपनाएं - हर एलुमिनस का अपना एक अलग व्यक्तित्व है। उन्हें एक जैसे ईमेल भेजने से बचें। सबको अलग-अलग तरह से लिखें। खुद को प्रमोट करने के लिए ईमेल न लिखें। 

रेफरेंस से पहले पूछ लें - क्या आप जॉब इंटरव्यू या बिजनेस डील में विश्वसनीयता लाने के लिए एलुमिनस का नाम इस्तेमाल कर रहे हैं? इसके लिए पहले एलुमिनस से पूछ लेना चाहिए। इससे एलुमिनस का आप पर विश्वास बढ़ेगा।

धन्यवाद दें - प्रोफेशनल संबंधों को मजबूत बनाने का तरीका है कि आप एलुमिनाई के साथ मीटिंग के बाद उन्हें समय निकालने और इनपुट्स देने के लिए धन्यवाद दें। इसके लिए थैंक्यू नोट या ईमेल भेजा जा सकता है।

दोस्त की मदद लें - कई बार एलुमिनाई से मिलते या संबंध स्थापित करते समय कॉमन दोस्त काम आ सकता है। वह आपकी मुलाकात फिक्स करवा सकता है। इससे एलुमिनाई के बीच आपकी विश्वसनीयता बढ़ती है। एलुमिनाई के साथ विनम्र रहें और खुद का गुणगान करने में व्यस्त न रहें।

Tips to Find Right Job in Hindi

How to Be a Successful Intern - in Hindi

How to Be a Successful Intern - in Hindi

Keep these points in mind during internship

ऎसे बनें सफल इंटर्न

इंटर्नशिप के दौरान आपको सबसे बेहतरीन परफॉर्म करना पड़ता है। यहीं से आपके कॅरियर की राह निकलती है। अकेडमिक्स में शानदार प्रदर्शन के बाद कंपनी में काम करते हुए आपको एक बार फिर खुद की काबिलियत साबित करनी पड़ती है। अगर आप बेहतर इंटर्न के तौर पर अपनी छाप छोड़ते हैं तो इस बात की संभावना काफी बढ़ जाती है कि आपको परमानेंट नौकरी भी मिल जाए। अगर आप इंटर्नशिप के दौरान कमिटमेंट के साथ काम करेंगे तो हर कोई आपको नोटिस करेगा। इससे आपको नौकरी मिलने की संभावना बढ़ेगी। अगर आप चाहते हैं कि इंटर्नशिप के समय को यादगार बनाना चाहते हैं तो ऎसी ही बातों पर गौर करें। अगर आप सफलतापूर्वक इंटर्नशिप कर लेते हैं तो आप काफी भाग्यशाली हैं। बतौर इंटर्न अगर आप अपने एम्प्लॉयर को प्रभावित करना चाहते हैं तो आपको काम के दौरान छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देना होगा।

सही शुरूआत करें
कंपनी ज्वॉइन करने से दो सप्ताह पहले अपने मैनेजर से मिलें और संस्थान के बारे में जानकारी हासिल करें। ज्वॉइनिंग पर खुद का परिचय दें। लोगों का अभिवादन करें और जिन चीजों के बारे में आपको पता नहीं है, उनके बारे में जानकारी इकट्ठा करें। कंपनी में हर जरूरी जगह पर उपस्थिति दर्ज करवाएं।

काम की मांग करें
कोशिश करें कि कंपनी में आपके पास कोई न कोई काम हमेशा रहे। ऑफिस सबसे पहले पहुंचें और सबसे आखिर में निकलें। कम से कम समय में ज्यादा से ज्यादा लोगों से मिलने की कोशिश करें। हो सकता है कि ऑफिस का हर काम आपको पसंद न हो पर आपको हर काम पूरे ध्यान से करना चाहिए। 

पैसा भूल जाएं
पैसे के आधार पर इंटर्नशिप का चुनाव न करें। पेड के बजाय अनपेड इंटर्नशिप चुनें, क्योंकि जब आपको भुगतान नहीं होगा तो आप इस बात पर फोकस करेंगे कि समय का सदुपयोग किस तरह से किया जाए। ऎसी स्थिति में आप सबसे ज्यादा सीखने पर ध्यान देंगे और अपने काम से एम्प्लॉयर को प्रभावित करने का प्रयास करेंगे। 
गलत आदतें

सोशल मीडिया पर प्रचार - ऑफिस से जुड़ी बातों को सोशल मीडिया पर न डालें। इससे आपके कलीग्स नाराज हो सकते हैं। 

अनुभवहीनता न दिखाएं - ज्यादातर प्रोफेशनल्स इंटन्र्स से फ्रेश आइडिया मांगते हैं पर बिना पूरी जानकारी के कोई राय न दें। अपने सोल्यूशन पर पूरी रिसर्च करें। 

गलत ईमेल लिखना - ऑफिस के लिखित कम्यूनिकेशन का एक फॉर्मेट होता है। एसएमएस लैंग्वेज, ग्रामर और स्पेलिंग की गलतियां न करें।

एक काम में अटकना - एम्प्लॉयर ऎसे इंटन्र्स पसंद नहीं करेगा, जिसे पेंडिंग काम की याद दिलानी पड़ती हो। अगर आप कंपनी द्वारा दिया हुआ काम पूरा नहीं करेंगे तो कोई भी आप पर गौर नहीं करेगा। 

बनाएं नेटवर्क
इंटर्नशिप के दौरान ज्यादा से ज्यादा लोगों के साथ संपर्क स्थापित करें। कलीग्स, क्लाइंट्स, वेंडर्स और दूसरे इंटन्र्स के साथ नेटवर्क बनाएं। अपने मेंटर्स, मैनेजर्स और टीम मेंबर्स के साथ मुलाकात करते रहें। ऑफिस और इंडस्ट्री इवेंट्स में हिस्सा लें। लोगों से मुलाकात के बाद उनकी कॉन्टैक्ट डिटेल फोनबुक में नोट कर लें।

कागज पूरे रखें
आप ऑफिस में जो भी काम कर रहे हैं, उससे संबंधित पूरे कागज आपके पास होने चाहिए। आप जिस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं, उससे संबंधित चुनौतियों, मौजूदा संसाधनों, टाइम लाइन, प्लानिंग और आपके द्वारा किए गए प्रयासों का पूरा ब्यौरा होना चाहिए। 

नियमों का पालन करें
हर ऑफिस में काम और व्यवहार के लिखित और अलिखित दोनों तरह के नियम होते हैं। ऑफिस कल्चर को समझने के लिए मेंटर से बात करें और लोगों को ऑब्जर्व करें। इंटर्नशिप के दौरान छुटि्टयां न लें। मीटिंग्स में समय पर पहुंचें। काम से जुड़ी रिपोट्र्स के बारे में टीम मेंबर्स को नियमित रूप से बताते रहें।


Tips for Successful Career in Hindi

Success Tips for crisis management in Hindi

Success Tips for crisis management in Hindi

खतरे से निपटने की "पूरी तैयारी"

किसी भी आम स्थिति की तरह छोटे बिजनेस भी संकटों से अछूते नहीं हैं। समस्या तब हो जाती है, जब किसी भी छोटे-बड़े संकट के अचानक से आ धमकने पर वे इससे उबर नहीं पाते और लंबे समय तक कामकाज बंद कर देना एंटरप्रेन्योर की मजबूरी बन जाती है। 
अचानक से आ धमकने वाली स्थितियों से निपटने के लिए बड़े बिजनेस तो तैयार रहते हैं लेकिन असल समस्या पेश आती है छोटे बिजनेसेज के साथ। यहां कुछ एंप्लॉइज के बीमार पड़ जाने पर या इंटरनेट का कनेक्शन ही चले जाने भर से काम बाधित हो जाता है। ये बातें सुनने में छोटी लग सकती हैं लेकिन ऎसी कई घटनाएं छोटे बिजनेसेज के लिए इतनी नुकसानदायक साबित होती हैं कि बहुत बार उनका कस्टमर बेस भी छिटकने लगता है। यदि समय रहते छोटे बिजनेस कुछ खास उपाय करके चलें तो उनकी प्रोडक्टिविटी इन संकटों से प्रभावित नहीं होती।


क्या हैं खतरे
छोटे बिजनेसेज के क्राइसेस मैनेजमेंट का भी पहला चरण यही है कि आप संभावित खतरों का पता लगाएं। यह खतरा अचानक पावर बैकअप फेल हो जाने से लेकर मेन्युअल इन्वेंटरीज में आग लगने तक कुछ भी हो सकता है। सभी संभावित खतरों का अंदाजा आपको रहेगा, तो आप उनसे निपटने के लिए पहले से ही तैयार रह सकेंगे।


कैसे संभलेगी स्थिति...
क्राइसेस मैनेजमेंट का सबसे अहम चरण यही है। आपके सामने खतरों का पूरा ब्यौरा होगा तो आप समझ पाएंगे कि आपके काम में किस-किस तरह की दिक्कतें पेश आ सकती हैं। अब आपका काम यह योजना बनाना है कि इन दिक्कतों के पैदा होने पर कौन-कौन से कदम उठाएंगे ताकि नुकसान को कम किया जा सके और काम को बाधित होने से बचाया जा सके।


रखें अपना बैकअप
पिछले दिनों उत्तरी भारत में ग्रिड फेल हो जाने क ी वजह से बहुत से छोटे बिजनेसेज को काम बिल्कुल बंद कर देना पड़ा था। ऎसी स्थिति से बचने के लिए अपने पास बैकअप बनाकर रखें। इस बैकअप में पावर बैकअप के अलावा इन्वेंट्रीज काइलेक्ट्रॉनिक मैनेजमेंट भी शामिल हैं। बैकअप पड़ा होने पर काम बाधित नहीं होगा और आपके दिमाग में निश्चिंतता भी बनी रहेगी। 


इंश्योरेंस कराएं जरूर
आपके बिजनेस का साइज बेशक छोटा है, लेकिन इसका यह अर्थ नहीं है कि इसे इंश्योरेंस की जरूरत नहीं है। आपके छोटे-बड़े उपकरणों, परिवहन के साधनों और ऑफिस आदि का इंश्योरेंस करवाकर रखें ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति में आपके पास कम से कम इंश्योरेंस की राशि तो हो। इंश्योरेंस को एक जिम्मेदारी के अलावा, क्राइसेस मैनेजमेंट के एक स्टेप की ही तरह लें। इससे फायदा आपका ही है। अगर आप इंश्योरेंस नहीं करवाएं तो आपको बाद में बड़ा नुकसान भी हो सकता है। 


कर लें मॉक ड्रिल
सरकारी प्रतिष्ठानों और बड़े बिजनेसेज में डिजास्टर मैनेजमेंट की अपनी तैयारी को परखने के लिए मॉक ड्रिल्स का आयोजन किया जाता है। इन मॉक ड्रिल्स का आयोजन आप भी कर सकते हैं। यहां आपका उद्देश्य अपने तमाम बैकअप्स की उपयोगिता जांचना है। इसके लिए आप अचानक से सारे ऑफिस क ी पॉवर सप्लाई या अन्य सुविधाओं को बाधित कर सकते हैं। यह अभ्यास आपको मुश्किल समय के लिए तैयार करता है।

Success Tips in Hindi on Office and Success

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Soha Ali Khan-Kunal wedding Fashion




Soha Ali Khan married Kunal Khemu this weekend in what was, by Bollywood standards, a fairly private wedding. The few pictures that have emerged of the wedding show Bollywood stars in designers like Manish Malhotra and Sabyasachi Mukherjee.While the bride is glowing, fashion lovers this side of the border can’t help but ask — this is the best of Indian bridal fashion Read More

Soha Ali khan and Kunal Khemu Wedding


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